आज हम बात कर रहे है पुनॅनवां की, ज्यादातर सफेद ( श्वेत ) पुनॅनवां आैषधीय गुणो का भंडार है | यह हजारो सालो से उपयोग मे आ रही है | बहोत बडे ऐवं नामांकित वैध्य इसका ज्यादा प्रमाण मे प्रयोग सालो से करते आ रहे है, आइये विस्तारसे जानते है पुनॅनवां के बारे में|
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अगर आप पुनॅनवां का इस्तेमाल करके शारिरिक रोग दूर करनां चाहते है तो कीसी भी रोग मे इसको कमसे कम २-३ महिनों तक इसका इस्तेमाल जरुर करे |
A. लिवर की खराबी
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लिवर को सुधारतां है पुनॅनवां मंडुर नामक टेब्लेट सुबह शाम २-२ की माञामे लेने से पाचनसबंधी समस्यां ऐवं लिवर मे सुधार होता है | लिवर की कायॅ प्रणाली ऐवं लिवर फंक्शन मे यह काफी कारगर आैषधि है |
B. मूञ रोग मे उपयोगी
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मुञ सबंधी रोग जैसे की पेशाबमे जलन, बार बार पेशाब जानां, पेशाब मे जलन, पेशाब काफी कम आनां वगेरह समस्यां मे १-१ चम्मच पुनॅनवां जड का चूरन गुनगुने पानी से सुबह शाम लेने से फायदां होतां है |
C. गढिया के ददॅ को दूर करतां है
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अगर आप गढिया रोग से पिडीत है तो सुबह शाम १-१ चम्मच पुनॅनवां चूरन लेने से गढिया रोग का ददॅ दूर होतां है |
D. किडनी को स्वस्थ रखतां है
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सुबह १ चम्मच पुनॅनवां जड का चूरन लेने से किडनी सबंधी समस्या कभी नही होती |
E. हाथ-पैरो की सुजन दूर करतां है
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अगर हाथ-पैरो मे सुजन आ गइ हो आैर शरिर काफी तेज ददॅ कर रहां हो तो सुबह शाम १-१ चम्मच पुनॅनवां का चूरन कुछ महिनो तक लेने से सुजन दूर होती है |
F. थाइराइड मे है उपयोगी
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पुनॅनवां 5 gms + 4 gms कांचनार छाल मिक्स करके चूरन बनाकर २ ग्लास पानी मे उबाले जब आधा पानी बचे तब छानकर खालीपेट पिने से थाइराइड कन्ट्रोल रहतां है |
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